खरसावां के नारायणडीह में लगा रक्तदान शिविर,115 यूनिट रक्त का हुआ संग्रह, रक्तदान एक पुण्य कार्य है,जो मनुष्य के जीवन को बचा सकता है - राहुल सिंह
खरसावां : खरसावां के नारायणडीह हिलटॉप मैदान में शुक्रवार को स्वर्गीय आनंद महतो की स्मृति में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 115 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया। रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र, हेलमेट प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत खरसावां थाना प्रभारी राहुल कुमार सिंह, विधायक प्रतिनिधि मागीलाल महतो, मुखिया इन्द्रजीत उरावं आदि के द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं स्वर्गीय आनंद महतो के चित्र पर श्रद्वा सुमन अर्पित कर किया। मौके पर श्री सिंह ने कहा कि रक्तदान एक पुण्य कार्य है, जो मनुष्य के जीवन को बचा सकता है। रक्त केवल मनुष्य से ही उपलब्ध हो सकता है। इस पुण्य कार्य के लिए सभी को आगे आना चाहिए ताकि किसी भी जरूरतमंद की जरूरत को पूरा किया जा सके। जबकि श्री महतो ने कहा कि रक्तदान शिविर का उद्देश्य स्वर्गीय आनंद महतो की स्मृति को मानव सेवा के कार्यों के माध्यम से सार्थक बनाना है।
रक्तदान महादान है और एक व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है। दुर्घटना में घायल लोगों, गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों तथा रक्त की आवश्यकता वाले अन्य लोगों के लिए रक्तदान बेहद महत्वपूर्ण है। वही मुखिया श्री उरावं ने कहा कि रक्तदान एक अत्यंत महान और मानवीय कार्य है, जो निरूस्वार्थ भाव से जीवन बचाने का सबसे सरल और शक्तिशाली माध्यम है। यह न केवल किसी जरूरतमंद को नई जिंदगी देता है, बल्कि दानकर्ता के स्वास्थ्य (जैसे हृदय स्वास्थ्य, आयरन संतुलन) को भी सुधाराता है। एक बार रक्तदान से कई जानें बच सकती हैं। उन्होंने लोगों से स्वस्थ जीवन, स्वच्छता और रचनात्मक सोच के साथ समाज सेवा में आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान रक्तदाताओं के बीच सडक सुरक्षा का संदेश देते हुए हेलमेट एवं प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर रक्तदान किया। इस अवसर पर खरसावां थाना प्रभारी राहुल कुमार सिंह, विधायक प्रतिनिधि मागीलाल महतो, मुखिया इन्द्रजीत उरावं, सपन कुमार महतो, रमेश महतो, निर्मल महतो, गौतम महतो, बिशू सिंह सरदार, विनोद महतो, पंकज महतो, कृष्णा चन्द्र महतो, समीर महतो, सदानंद महतो, प्रकाश महतो, धनजय महतो, जयसिंह महतो आदि उपस्थित थे।

